पत्तों के पोषण में एडजुवेंट तकनीक का महत्व

पत्तों की खाद (Foliar Fertilization) में एडजुवेंट तकनीक (Adjuvant Technology) का मुख्य उद्देश्य पर्णीय उर्वरकों की प्रभावशीलता और दक्षता को बढ़ाना है।

10 October 2024
2मिनट

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    एडजुवेंट्स क्या हैं?

    एडजुवेंट्स वे पदार्थ होते हैं जो पौधों पर छिड़के गए उर्वरकों के अवशोषण और तत्वों के संचरण में सुधार कर इनकों और असदार बनाते है। एडजुवेंट्स की मदद से उर्वरक आसानी से पत्तियों द्वारा अवशोषित होते हैं, जिससे उर्वरक का प्रभाव बढ़ता है। पिछले कुछ वर्षों में पर्णीय पोषण में इस्तेमाल होने वाली एडजुवेंट तकनीकों ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। इन एडजुवेंट्स का उपयोग पत्तियों के माध्यम से पोषक तत्वों के अवशोषण को बेहतर बनाने, पत्तियों की संरचना को सुधारने, और उनके द्वारा पोषक तत्वों के संचालन को प्रभावी बनाने के लिए किया जाता है।

    प्रमुख एडजुवेंट्स और उनके लाभ

    • सर्फेक्टेंट्स (Surfactants): सर्फेक्टेंट्स स्प्रे की बूंदों का आकार छोटा करके उन्हें पत्तियों की सतह पर समान रूप से फैलाने में मदद करते हैं, जिससे उर्वरक का अवशोषण बेहतर तरीके से होता है और फसलों पर स्प्रे का प्रभाव और बेहतर होता है।
    • स्प्रेडर्स (Spreaders): स्प्रेडर्स स्प्रे किए गए उर्वरकों को पत्तियों की सतह पर समान रूप से फैलाने और अधिक समय तक बनाए रखने में मदद करते हैं, जिससे उर्वरकों के अवशोषण में सुधार होता है और फसलों में स्प्रे का असर बेहतर होता है।
    • स्टिकर्स: स्टिकर्स उर्वरक की सतह पर एक कोटिंग प्रदान करते हैं, जिससे उर्वरक पत्तियों पर चिपक जाता है और बारिश या हवा के प्रभाव से उसका नुकसान कम होता है और स्प्रे लंबे समय तक प्रभावी रहता है।
    • प्रवेशक (Penetrants): क्यूटिकल प्रवेशक ऐसे सहायक पदार्थ होते हैं जो पोषक तत्वों के क्यूटिकल के माध्यम से पत्तियों में प्रवेश को बढ़ाते हैं, जिससे पोषक तत्वों के अवशोषण में सुधार होता है।
    • ह्यूमेक्टेंट्स (Humectants): ह्यूमेक्टेंट्स हवा से नमी को आकर्षित करते हैं और स्प्रे सॉल्यूशन को लंबे समय तक तरल अवस्था में बनाए रखते हैं, जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण लंबे समय तक आसानी से होता रहता है।
    • बफ़रिंग एजेंट्स (Buffering Agents): बफ़रिंग एजेंट्स घोल के पीएच स्तर को सही सीमा में बनाए रखने में मदद करते हैं, जिससे कीटनाशकों या पोषक तत्वों की स्थिरता और प्रभावशीलता में सुधार होता है।

    एड्जुवेंट्स का उपयोग करने की सही रणनीति

    ऐसे एड्जुवेंट्स का चयन करें जो विशेष रूप से आपकी फसल और उसमें आवश्यक पोषक तत्वों के आधार पर तैयार किए गए हों। विभिन्न फसलों और पोषक तत्वों के बेहतर प्रदर्शन के लिए विभिन्न प्रकार के एड्जुवेंट्स की आवश्यकता हो सकती है। यह भी सुनिश्चित करें कि एड्जुवेंट्स फ़ोलियर उर्वरकों और उपयोग किए जा रहे अन्य कृषि रसायनों के साथ संगत हों, क्योंकि असंगत एड्जुवेंट्स स्प्रे समाधान की प्रभावशीलता को कम कर सकते हैं।

    फसल की महत्वपूर्ण वृद्धि अवस्थाओं के दौरान, जब फसलों को अधिक पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, तब एड्जुवेंट्स के साथ फ़ोलियर उर्वरकों का उपयोग बहुत फायदेमंद होता है। वाष्पीकरण की संभावना को कम करने और पोषक तत्वों के अवशोषण को अधिकतम करने के लिए फ़ोलियर स्प्रे को सुबह जल्दी या संध्या के समय करना चाहिए। स्प्रे घोल तैयार करते समय, एड्जुवेंट्स को फ़ोलियर उर्वरक के बाद घोल वाले टैंक में डालना चाहिए। इसके अलावा, पत्तियों पर समान कवरेज सुनिश्चित करने और बहाव को कम करने के लिए उपयुक्त स्प्रे उपकरण का उपयोग करना आवश्यक है।

    आई सी एल की एड्जुवेंट तकनीकी

    पर्णीय पोषण की उपयोगिता को बढ़ाने के लिए एड्जुवेंट्स का प्रयोग अत्यंत आवश्यक है। आजकल, कई प्रकार के एड्जुवेंट्स (छिड़काव सहायक) उपलब्ध हैं, और इनका पर्णीय स्प्रे में बड़े पैमाने पर उपयोग भी किया जा रहा है और स्प्रे की दक्षता में सुधार भी देखने को मिलता है।अधिकांश एड्जुवेंट्स मूल रूप से शाकनाशी स्प्रे की प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए विकसित किए गए थे। इसलिए, पर्णीय पोषण में इनका उपयोग कभी-कभी पत्तियों पर गंभीर नेक्रोटिक क्षति का कारण बन सकता है।

    पर्णीय पोषण में पत्तियों को बिना किसी क्षति के पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाने के लिए फर्टी-वांट एड्जुवेंट तकनीक (सहायक उत्पाद) इज़राइल की बेंगुरियन विश्वविद्यालय द्वारा विकसित की गई है। यह तकनीक पौधे की “त्वचा” और त्वचीय झिल्ली (क्यूटिकल लेयर) के माध्यम से पोषक तत्वों को प्रभावी ढंग से वितरित करने के लिए डिज़ाइन की गई है, और सभी परिस्थितियों में यह अन्य की तुलना में अधिक प्रभावी पाई गई है।

    फ़र्टिवॉन्ट तकनीक

    फर्टिवॉन्ट तकनीक पत्तियों पर स्प्रे किए गए तत्वों के क्यूटिकल के माध्यम से प्रवेश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और यह सुनिश्चित करती है कि पोषक तत्व जल्दी और कुशलता से अवशोषित हों। परोक्ष रूप से, फर्टिवॉन्ट तकनीक स्प्रे किए गए पोषक तत्वों के अवशोषण को बेहतर बनाकर उच्च फसल उपज और बेहतर गुणवत्ता प्राप्त करने में मदद करती है।

    न्यूट्रीवॉन्ट पर्णीय फॉर्मूला

    आईसीएल ग्रोइंग सॉल्यूशंस की नूट्रीवांट पर्णीय पोषण श्रंखला “फर्टी-वांट” तकनीक पर आधारित है। नूट्रीवांट फार्मूलों को फसलों की अवस्था अनुसार संतुलित पोषण प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आईसीएल नूट्रीवांट पर्णीय पोषण श्रंखला यह सुनिश्चित करती है कि फसलों को उनकी अवस्था के अनुसार सभी आवश्यक पोषक तत्व सही अनुपात में मिलें। फर्टी-वांट तकनीक और नूट्रीवांट के संतुलित पोषक तत्व फार्मूलों का संयोजन फोलियर उर्वरकों के उचित प्रदर्शन को सुनिश्चित करता है, जिससे इनका परिणाम सभी फसलों में बेहतर दिखाई देता है। भारत में न्यूट्रीवांट के चार प्रमुख फॉर्मूलेशन बाजार में उपलब्ध है जो फसल की वानस्पतिक, पुष्प, और फल बनने की अवस्थाओं के लिए बहुत उपयोगी और फायदेमंद हैं

    निष्कर्ष

    पर्णीय पोषण की प्रभावशीलता को बढ़ाने में एड्जुवेंट्स (सहायक पदार्थ) महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये सहायक पदार्थ पोषक तत्वों के अवशोषण, कवरेज और उपलब्धता में सुधार करके फसल स्वास्थ्य, उच्च उपज और बेहतर गुणवत्ता में योगदान करते हैं। इजराइल की फर्टिवांट सहायक तकनीक पर आधारित आईसीएल की न्यूट्रीवॉन्ट पर्णीय शृंखला फसलों की पैदावार और गुणवत्ता दोनों में ही किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो रही है।